हुई है। आप सब की तरह मै भी आहत हुआ हूँ। आज पुरा हिन्दुस्तान शोक की आगोश में समाया हुआ है पर कमीने राजनेता आतंक में झुलसती मुंबई को आंच बनाकर वोट की रोटियाँ सेंकने में लगे हुए है। कब तक ये राजनेता वोट के लिए बंदरो जैसी हरकते करते रहेंगे? ऐसी मौकापरस्त राजनीति से ये राजनेता कब तक हमें और आपको ठगते रहेंगे ? कब तक हम इस राजनेताओ केभद्दी राजनीति से अपने आपको बचाते रहेंगे? कब तक
इस राजनेताओ के नज़र से हम आतंकियो को बेबस नज़र आते रहेंगे ? नही हम बेबस नही है, हम हिन्दुस्तानी है। और हिन्दुस्तानी कभी बेबस नही होता। हिन्दुस्तान कि ये तस्वीर ............ ओह अब बर्दास्त नही होता, मेरे बचपन का पसंदीदा गीत "मेरे देश कि धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती......." की आज के परिवेश में छवि बदल सी गई है। मै कैसे उनलोगों को माफ़ कर सकता हूँ जिसने इस छवि को बिगाड़ी है। कुछ कर गुजरने को जी चाहता है, आपका साथ चाहिए।
आज मै कसम लेता हूँ कि आज के बाद इन दोगले राजनेताओ और आतंकवाद के खिलाफ
एक कदम ही सही, दो-चार लफ्ज ही सही मगर एक मूक दर्शक बन कर नही बैठूंगा और मुझे उम्मीद है कि आप भी कुछ ऐसा ही सोच रहे है। तो आइये इस सोच को जोश के साथ परवान चढाए, हम सब मिलकर दिल में धधकती आग को जलाए रखे ।
एक कदम ही सही, दो-चार लफ्ज ही सही मगर एक मूक दर्शक बन कर नही बैठूंगा और मुझे उम्मीद है कि आप भी कुछ ऐसा ही सोच रहे है। तो आइये इस सोच को जोश के साथ परवान चढाए, हम सब मिलकर दिल में धधकती आग को जलाए रखे । "सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल मे है । "
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल मे है । "
हिन्दुस्तानियों कि तरफ़ से सभी शहीदों को नम आँखों से सलाम। इश्वर हम युवाओ में आपकी तरह जोश और जज्बा भर दे ।








0 comments:
Post a Comment