हिटलर जिसका पुरा नाम एडोल्फ हिटलर था । हिटलर को बीसवीं सदी के सर्वाधिक घृणित, क्रूर और बदनाम शासक के तौर पर याद किया जाता है । इसके मुख्य कारण हिटलर में युद्ध की मानसिकता, जातिवाद, फासिस्टवादी विचारधारा का होना था। हिटलर का जन्म 20अप्रैल 1889 को ऑस्ट्रिया में हुआ । हिटलर के पिता अलाइस हिटलर की तीन शादीयाँ हुई थी । इनकी तीसरी पत्नी क्लारा थी इसने ही हिटलर को जन्म दिया । हिटलर ने प्राथमिक शिक्षा लिंज़ के रीयल स्कूल में प्राप्त किया । 3जनवरी 1903को हिटलर की पिता के मृत्यु के बाद हिटलर की माँ भी बीमारी से ग्रस्त हो गयी जिससे हिटलर अपने आपको कमजोर महसूस करनें लगा । १९०६ में हिटलर को पारिवारिक और शैक्षिक कारणों से वियना जाना पड़ा । पहली नज़र में वियना ने हिटलर को बहुत आकर्षित किया मगर वियना को जानने के बाद वियना के खोखले चकाचौन्ध से हिटलर को बहुत निराशा हुई । इसी कुछ महीनो के दरम्यान हिटलर का सामना कुछ और निराशाओं से हुआ जैसे वियाना के फाईन आर्टस एकेडमी में दाखिला नही मिलना तथा २१ दिसम्बर १९०७ को उनकी माँ क्लारा की मृत्यु । हिटलर ने वियना में कुछ साल बुरे वक्त के गुजारे। हिटलर ने अपनी आत्मकथा "मेरा संघर्ष" में लिखा है - वियना मेरे लिए कठोर स्कूल जैसा था क्योकि यहाँ मै जिंदगी का महत्वपूर्ण सबक सीख पाया। यही मैंने अपनी सोंच और आदर्श की नींव रखी । हिटलर मौलिकता और क्रूरता को उद्येश्य प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण मानता था । हिटलर के दिल में यहूदियों के लिए नफ़रत......... आगे पढ़े
Friday, July 15, 2011
हिटलर! एक सच्चाई
हिटलर जिसका पुरा नाम एडोल्फ हिटलर था । हिटलर को बीसवीं सदी के सर्वाधिक घृणित, क्रूर और बदनाम शासक के तौर पर याद किया जाता है । इसके मुख्य कारण हिटलर में युद्ध की मानसिकता, जातिवाद, फासिस्टवादी विचारधारा का होना था। हिटलर का जन्म 20अप्रैल 1889 को ऑस्ट्रिया में हुआ । हिटलर के पिता अलाइस हिटलर की तीन शादीयाँ हुई थी । इनकी तीसरी पत्नी क्लारा थी इसने ही हिटलर को जन्म दिया । हिटलर ने प्राथमिक शिक्षा लिंज़ के रीयल स्कूल में प्राप्त किया । 3जनवरी 1903को हिटलर की पिता के मृत्यु के बाद हिटलर की माँ भी बीमारी से ग्रस्त हो गयी जिससे हिटलर अपने आपको कमजोर महसूस करनें लगा । १९०६ में हिटलर को पारिवारिक और शैक्षिक कारणों से वियना जाना पड़ा । पहली नज़र में वियना ने हिटलर को बहुत आकर्षित किया मगर वियना को जानने के बाद वियना के खोखले चकाचौन्ध से हिटलर को बहुत निराशा हुई । इसी कुछ महीनो के दरम्यान हिटलर का सामना कुछ और निराशाओं से हुआ जैसे वियाना के फाईन आर्टस एकेडमी में दाखिला नही मिलना तथा २१ दिसम्बर १९०७ को उनकी माँ क्लारा की मृत्यु । हिटलर ने वियना में कुछ साल बुरे वक्त के गुजारे। हिटलर ने अपनी आत्मकथा "मेरा संघर्ष" में लिखा है - वियना मेरे लिए कठोर स्कूल जैसा था क्योकि यहाँ मै जिंदगी का महत्वपूर्ण सबक सीख पाया। यही मैंने अपनी सोंच और आदर्श की नींव रखी । हिटलर मौलिकता और क्रूरता को उद्येश्य प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण मानता था । हिटलर के दिल में यहूदियों के लिए नफ़रत......... आगे पढ़े
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बहुत बहुत शुक्रिया हमारे ब्ळोग पर पधारने के लिये....kvkrewa.blogspot.com पर भी पधारियेगा
ReplyDeleteआपका ही
चन्दर मेहेर